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सावन के आखिरी सोमवार को शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़।।

सावन के आखिरी सोमवार को शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़।।

पलवल-(निकुंज गर्ग ):- पलवल जिले में इस श्रावण मास के आखिरी सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। आज शिव भगतों ने भगवान शिव पर बेल पत्तर, भांग ,धतूरा,जल,गंगाजल, और पंचामृत से जला अभिषेक कर पूजा अर्चना की आज श्रावण मास के चौथे ओर आखिरी सोमवार को भी शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली । आज श्रावण मास का चौथा सोमवार है और शिव भक्त महिला पुरुष भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के लिए शिव मंदिर में पहुंच रहे हैं। वहीं पंडित कुलभूषण शास्त्री ने बताया कि इस श्रावण मास में शिव की पूजा का अलग ही महत्व है अगर कोई व्यक्ति रोजाना शिव की पूजा अर्चना नहीं कर सकता तो वह आज श्रावण मास के आखिरी सोमवार को शिव की पूजा अर्चना कर सकता है। उन्होंने बताया कि शिव मंदिरों में लोगों द्वारा शिवलिंग पर जलाभिषेक ,,गंगाजल पंचामृत बेलपत्र धतूरा आदि से पूजा अर्चना करनी चाहिए। जहां इस श्रावण मास में रोजाना जिस तरह से शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही थी तो वहीं आज श्रावण मास के चौथे सोमवार को भी भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है तो लगातार इस श्रावण मास के महीने में शिव मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिली। उन्होंने बताया की इस श्रावण मास में कावड़ यात्रियों द्वारा भी ऋषिकेश ,हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया गया ओर हर महीने शिव मंदिरों में बम बम भोले के जयकारों से शिव मंदिर गूंजते रहे। जब हमने शिव भक्तों से बात की तो उनका कहना है कि आज श्रावण मास का आखिरी सोमवार है वह भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के लिए मंदिर में पहुंचे हैं । उन्होंने बताया कि जो होडल का सती सरोवर पर भगवान शिव का मंदिर है यह यह सैकड़ों साल पुराना मंदिर है और जो शिवलिंग इस मंदिर के अंदर स्थापित है वह धरती से प्रकट हुआ शिवलिंग है । भक्त लोगों का मानना है कि जो सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा अर्चना करता है तो भगवान शिव उसकी सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने कहा श्रावण मास के भगवान शिव के लिए होता है । इस श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा करता है तो भगवान शिव भोले हैं वह तुरंत ही प्रसन्न हो जाते हैं और वह भक्त की जो भी मनोकामना होती है वह उसको पूरा करते हैं।। #Newstodayhry @Newstodayhry

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