दोस्ती ही जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी :- स्वामी रमेश साहुवाला ll
दोस्ती ही जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी :- स्वामी रमेश साहुवाला ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-मनुष्य के जीवन में मित्रता सबसे पवित्र रिश्ता है तथा बचपन की मित्रता तो सबसे निस्वार्थ होती है जिसमें समय के साथ सब कुछ बदल जाता है परन्तु दोस्ती कभी नहीं बदलती। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय एक निजी क्लब में 46 वर्षों के बाद मिले बचपन के दोस्तों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन में पद, पैसा और प्रतिष्ठा सब आनी-जानी है पर सच्चे मित्र ही जीवन की असली पूंजी है।
श्री साहुवाला ने कहा कि जीवन की भाग-दौड़ में हम न जाने कितने लोगो से मिलते है और बिछड़ जाते है परन्तु कुछ रिश्ते ऐसे होते है जो समय की धूल मे भी अपनी चमक नहीं खोते है। उन्हीं में से एक रिश्ता होता है, बचपन की दोस्ती का। उन्होंने कहा कि हमारे इस मिलन से सिर्फ हंसी ही नहीं है बल्कि एक गहरा एहसास भी है। उन्होंने कहा कि बचपन की दोस्ती में कोई स्वार्थ नहीं होता, कोई पद का अहंकार नहीं होता और वह सिर्फ दिल से दिल का रिश्ता होता है।इस बैठक में अहमदाबाद से पधारे भूपेन्द्र शर्मा ने सभी दोस्तो की पुरानी बातों को याद किया और उन्होंने कॉलेज के समय की यादों को ताजा किया। उन्होंने एक गीत गाया जिसके बोल थे, एहसान मेरे दिल पर तुम्हारा है दोस्तो, ऐ दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों, इसके बाद उन्होंने एक नज़्म सुनाई जिसके बोल थे, कभी-कभी मेरे दिल को ख्याल आता है, जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए, और फिर एक गीत सुनाया जिसके बोल थे, तुम मुझे भुल भी जाओ तो ये हक है तुमको, मेरी बात और है। मैने तो मोहब्बत की है, सभी मित्रों ने खूब तालियॉं बजाई, नाचे और हंसी-टटोली करी। सभी मित्रों ने भुपेन्द्र शर्मा को शॉल उढ़ाकर सम्मानित किया और बिछड़ते समय फिर से मिलने का वायदा किया और सभी को आपस में मिलकर ऐसा महसूस हुआ के हम अभी भी युवा है।
इस अवसर पर योगेन्द्र गौतम, त्रिलोक राठी, राजिन्द्र गोयल, नरेश खेतड़ी वाला, डी. एन. अग्रवाल, राजेश सूद, जैयन्त, भीम जिन्दल, लखपत धमीजा, वीरभान, नरेन्द्र जीन्दगर, मुकेश मंत्री, सुभाष गुप्ता, सुशील मुंदड़ा, विनोद कनोडिया एवं अन्य उपस्थित थे।@newstodayhry #newstodayhry




