Haryana
Trending

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, सेवाएं प्रभावित।।

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, सेवाएं प्रभावित।।

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):- देश भर में आज बैंक कर्मचारी की हड़ताल। भिवानी में भी बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर देशभर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने 5-डे बैंकिंग लागू करने, प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव में भेदभाव खत्म करने और हेल्थ इंश्योरेंस समेत कई मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया।बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 2023 में 5-डे बैंकिंग को लेकर समझौता होने के बावजूद अब तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। वहीं कर्मचारियों ने प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव में अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों के बीच कथित भेदभाव का भी विरोध किया।भिवानी में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाओं पर असर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स से जुड़ी यूनियनों ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया।बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के पदाधिकारी सत्यशील कौशिक ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5-डे बैंकिंग लागू करना शामिल है।कर्मचारियों के मुताबिक वर्ष 2023 में 5-डे बैंकिंग को लेकर समझौता हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों की मांग है कि बैंकिंग व्यवस्था में शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश लागू किया जाए।वहीं दूसरा बड़ा मुद्दा प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव को लेकर है। बैंक कर्मचारियों का आरोप है कि इंसेंटिव के मामले में निचले स्तर के कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जहां निचले स्तर के कर्मचारियों को सीमित लाभ दिया गया, वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को अधिक लाभ दिया गया।इसके अलावा बैंक कर्मचारियों ने हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े मुद्दे को भी अपनी मांगों में शामिल किया है।कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल की जा चुकी है। उनका दावा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल और आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ-साथ उन निजी बैंकों के कर्मचारी भी शामिल रहे, जहां संबंधित यूनियन मौजूद है।वहीं बैंक कर्मचारियों ने बड़े कॉरपोरेट लोन और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कर्मचारियों का आरोप है कि बड़े कॉरपोरेट को दिए गए कर्ज के मामलों में बैंकों और जनता के हितों को नुकसान पहुंच रहा है।कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों पर जल्द बातचीत कर समाधान निकाला जाए, ताकि बैंकिंग सेवाएं प्रभावित न हों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।फिलहाल बैंक कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में उनका आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर कितना पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।। #Newstodayhry @Newstodayhry

Related Articles

Back to top button