
सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) शांति केवल एक शब्द नहीं, बल्कि मानव की अस्तित्व की सबसे बुनियादी आवश्यकता है क्योंकि बिना शांति के न विकास सम्भव है, न शिक्षा, न स्वास्थ्य और न ही सुखी जीवन। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर स्थानीय ध्यान मंदिर में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जहां शांति रही है, वहां सभ्यताएं फली-फूली है और जहां युद्ध होता है वहाँ केवल विनाश हुआ है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया जलवायु, संकट, आतंकवाद, क्षेत्रीय युद्ध और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियों से जूझ रहीं है तब शांति का महत्त्व और भी बढ़ जाता है। श्री साहुवाला ने कहा कि अंतराष्ट्रीय शांति दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित एक ऐसा दिन है जो दुनिया भर के सभी देशों और लोगोें के बीच शांति के आदर्शो को मजबुत करने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि इसे केवल युद्ध न होने के रूप में नहीं, बल्कि अहिंसा, न्याय, समानता, मानवाधिकारों के सम्मान और आपसी सहयोग के दिन के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि आज भारी अस्थिरता के बीच शांति की तलाश मुश्किल लगती है लेकिन यह पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है और शांति केवल युद्ध का अभाव नहीं है। यह हमारे दैनिक जीवन में सुरक्षा, सम्मान, अवसरों और सहयोग का जीवंत अनुभव है। श्री साहुवाला ने कहा कि शांति केवल सैनिकों का काम नहीं क्योंकि जब तक देश में गरीबी, भुखमरी, अशिक्षा, बेरोजगारी और अन्याय रहेगा तब तक स्थायी शांति सम्भव नहीं। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं की भूमिका सबसे ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि नफरत तेजी से फैलती है जबकि शांति धैर्य मांगती है। उन्होंने कहा कि यह दिवस हमें याद दिलाती है कि शांति कोई दूर का सपना नहीं बल्कि हम सब की जिम्मेदारी है कि हम सब हर दिन, हर जगह शांति बनाए रखें तब वह दिन दूर नहीं जब देश में शांति स्थापित होने में समय नहीं लगेेेगा। @newstodayhry #newstodayhry




