संस्कृति की जड़ों से जुड़ने का एकमात्र साधन संस्कृत ही है ll
संस्कृति की जड़ों से जुड़ने का एकमात्र साधन संस्कृत ही है ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) रेलवे रोड स्थित योगाश्रम में संस्कृतभारती द्वारा आयोजित 10 दिवसीय नि:शुल्क संस्कृत सम्भाषण शिविर के चौथे दिन शिक्षार्थियों में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार लोकेश कुमार जी(रानियां) और संस्कृतभारती के जनपद अध्यक्ष द्रोण प्रसाद कोइराला ने दीप प्रज्ज्वलित करके की। मंच का संचालन जनपद सहमंत्री पवन शास्त्री (भुरटवाला) ने किया और अतिथियों का परिचय कराया। मुख्य अतिथि लोकेश कुमार ने कहा कि संस्कृत सम्भाषण से हमारी ज्ञान-परंपरा समृद्ध होती है। अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़ने का एकमात्र साधन संस्कृत ही है। वहीं अध्यक्ष द्रोण प्रसाद कोइराला ने कहा कि सरल माध्यम से संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाना ही इस शिविर का मूल उद्देश्य है। उन्होंने ये भी बताया कि शिविर शिक्षक कपीश और सह शिक्षक परमजीत और ललित सैनी पूर्ण परिश्रम से शिक्षार्थियों को सम्भाषण सिखाने में लगे हुए हैं। चौथे दिन शिक्षार्थियों ने व्यावहारिक संस्कृत वाक्य बोलने में अतीव दिलचस्पी दिखाई और उत्साहपूर्वक सम्भाषण किया। @newstodayhry #newstodayhry




