जिले का गांव नीमका और बिछोर बृज के गांव हैं। यहां से तीन साल बाद बृज की यात्रा निकलती है ।।
जिले का गांव नीमका और बिछोर बृज के गांव हैं। यहां से तीन साल बाद बृज की यात्रा निकलती है ।।

नूंह – ( निकुंज गर्ग ) :- जिले के पुनहाना उपमंडल के गांव बिछौर और नीमका गांव से होकर गुजर रही बृज 84 कोस परिक्रमा यात्रा के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां एक ओर हिन्दू समाज के लोग श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग में जुटे हुए हैं, वहीं मुस्लिम समाज ने भी श्रद्धालुओं के लिए अपने दिल और घरों के दरवाजे खोल दिए हैं। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को रात के समय गांवों में ठहरने की सुविधा दी जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुस्लिम परिवारों के घरों में विश्राम कर रहे हैं। उनके लिए पीने के पानी, स्नान और भोजन तक की व्यवस्था की जा रही है। खास बात यह है कि श्रद्धालु बिना किसी झिझक और रोक-टोक के गांव के घरों में जाकर आराम कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण उन्हें मेहमानों की तरह सम्मान देकर सेवा कर रहे हैं।बता दें कि जिले का गांव नीमका और बिछोर बृज के गांव हैं। यहां से तीन साल बाद बृज की यात्रा निकलती है। लोगों का कहना है कि इंसानियत और भाईचारा सबसे बड़ा धर्म है। यात्रा में आने वाले श्रद्धालु उनके लिए अतिथि समान हैं और उनकी सेवा करना सौभाग्य की बात है। दोनों गांवों में आपसी प्रेम और सद्भाव का माहौल देखने को मिल रहा है, जिसकी लोग सराहना कर रहे हैं।वहीं जिला प्रशासन भी यात्रा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा पर प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है। जगह-जगह आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।। #newstodayhry @newstodayhry