
सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) जननायक जनता पार्टी किसान प्रकोष्ठ सिरसा के जिलाध्यक्ष स. शगनजीत सिंह गिल ने गन्ने के लगातार घटते रकबे और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने एथनॉल के जरिए पेट्रोल सस्ता करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन आज स्थिति यह है कि गन्ना किसान खेती से पीछे हट रहा है और आम आदमी को चीनी महंगी मिल रही है। सोमवार को जारी बयान में शगनजीत सिंह गिल ने कहा कि जब एथनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए गन्ने की जरूरत थी, तो किसानों को गन्ने की खेती के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन क्यों नहीं मिला? लागत बढ़ती गई, लेकिन किसान को लाभकारी भाव और समय पर भुगतान का भरोसा नहीं मिला। नतीजा गन्ने के रकबे और मिलों की पेराई में गिरावट के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि चीनी के दामों में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी आम परिवार के बजट पर सीधा असर डाल रही है। इसके बावजूद सरकार को घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देनी पड़ी। यह स्थिति सरकार की चीनी और गन्ना नीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एथनॉल से पेट्रोल सस्ता करने का इतना ढिंढोरा पीटा गया, लेकिन अब सरकार बताए कि उसका फायदा आम आदमी को कहां मिला और गन्ना किसान की हालत क्यों नहीं सुधरी? केवल नीतियों का प्रचार करने से किसान की आय नहीं बढ़ती, उसके लिए खेत में लाभ और भुगतान की गारंटी जरूरी है। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि गन्ना किसान को लाभकारी भाव, समय पर भुगतान और स्थिर नीति देने के साथ गन्ने का रकबा बढ़ाने के ठोस प्रयास किए जाएं, ताकि किसान मजबूत हो, मिलों को पर्याप्त गन्ना मिले और आम जनता को महंगी चीनी से राहत मिल सके। @newstoday #newstodayhry




