खस्ताहाल मम्मड़ नहर फिर टूटी, फसलों में भरा पानी ।।
खस्ताहाल मम्मड़ नहर फिर टूटी, फसलों में भरा पानी ।।

बड़ागुढ़ा-(गुरनैब दंदीवाल ):- बार-बार टूटने का रिकॉर्ड बना चुकी खस्ताहाल मम्मड़ नहर पंजाब से पानी छोड़े जाने के बाद इस बार
फिर टूट गई। भादड़ा गांव के पास, कुरंगावाली रोड स्थित झाल पुल से थोड़ा आगे गाँव की तरफ़ नहर की पटरी में आई दरार के कारण आसपास कई किसानों के खेतों में खड़ी फसलों में पानी भर गया। करीब साढ़े 10 बजे हुई इस टूट को ठीक करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारी जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर-ट्रालियों से पास लाई जा रही है। मिट्टी से बैग भरने शुरू कर दिए गए थे दूर से मिट्टी लाने और आगे यहाँ जगह न होने के कारण शाम 4 बजे तक पटरी में आई करीब 25 फुट चौड़ी दरार में मिट्टी डालकर भरने का काम शुरू नहीं हो पाया था। चाहे पीछे से एक बार पानी कम करवा दिया गया है लेकिन पानी के बहाव के कारण दरार बंद करने में देर रात तक का समय लग सकता है।
बार बार नहर टुटने पानी टेल तक किसान पानी की बारी लगाने से रह जाते हैं बंचित
बड़ी मुश्किल से आए पानी से फसलों को सिंचाई से बंचित रह जाने पर किसानों को अक्सर गुस्सा आना तो बनता ही है। यहां से टेल तक अनेकों किसान पानी की बारी से बंचित रह गए हैं। टुटी पटरी बांधने के बाद ही पानी छोडा़ जा सकेगा ऐसे में सुबह से रात तक आगे कितने किसान पानी की बारी से बंचित रह जाएंगे उनके मन पर क्या गुजरेगी। गांवों के किसानों का कहना है जमीनी पानी खारे हैं और नहरी पानी की कमी रहती है ऐसे में खेतों में सिंचाई के लिए किसानों को बड़ी मुश्किल से आए नहरी पानी के बावजूद इस तरह नहर टुटने के कारण सिंचाई से बंचित रह जाना चिंता का विषय है। नेकी राम, सतबीर, गुरतेज सिंह, विजय कुमार, सेवक सिंह, कालू राम, सुभाष, राय सिंह, चन्द्रभान, महावीर, बलवीर सिंह, हरमीत, पोहला सिंह, अमनदीप आदि किसानों ने बताया कि भीषण गर्मी में लंबी बंदी के बाद आया नहरी पानी हर बार की तरह इस बार भी बीच में ही रुक गया। नहर टूटने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पायेगा इस दौरान किसान अपनी पानी की बारी समय पर न लगा पाने के कारण सिंचाई से वंचित रह जाएंगे। किसानों का कहना है कि “पहले ही नहरी पानी की कमी है। ऊपर से नहर बार-बार टूट रही है। मुरझा रही फसलों को समय पर पानी न मिलने से नुकसान हो रहा है।। #Newstodayhry @Newstodayhry




