विदेशी व्यापार समझौतों के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल सांसद कार्यालय का घेराव ll
विदेशी व्यापार समझौतों के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल सांसद कार्यालय का घेराव ll

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):-भिवानी में संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने चौधरी छोटूराम चौक से सांसद धर्मबीर के कैंप कार्यालय तक मार्च निकालकर घेराव किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अमेरिका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और यूरोपियन यूनियन के साथ किए जा रहे व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग उठाई। किसानों ने आरोप लगाया कि ये समझौते देश के किसानों, छोटे उद्योगों और अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित होंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को भिवानी में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि चौधरी छोटूराम चौक पर एकत्रित हुए। यहां आयोजित सभा के बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए सांसद धर्मबीर के कैंप कार्यालय तक मार्च निकाला और कार्यालय का घेराव किया। सांसद की ओर से उनके पुत्र मोहित चौधरी ने किसानों का ज्ञापन प्राप्त किया।सभा की अध्यक्षता किसान सभा के रामफल देशवाल, एआईकेकेएमएस के रोहताश सैनी, भारतीय किसान यूनियन नैन ग्रुप के प्रतिनिधियों, किसान मजदूर यूनियन के राजकुमार हड़ोदी और स्वराज किसान मोर्चा के युद्धवीर खरेटा ने संयुक्त रूप से की।
सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल, जिला उपाध्यक्ष कामरेड ओमप्रकाश, रोहताश सैनी और धर्मपाल बडाला ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और यूरोपियन यूनियन के साथ जो स्वतंत्र व्यापार समझौते कर रही है, वे समान आधार पर नहीं हैं। उनका कहना था कि इन देशों में बड़े कृषि उत्पादकों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं, जो केवल अपनी आजीविका के लिए खेती करते हैं।किसान नेताओं ने कहा कि यदि इन देशों के कृषि और दुग्ध उत्पाद बिना रोक-टोक भारत आए तो भारतीय किसान और छोटे उद्योग प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे, जिससे खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े कॉरपोरेट और अंतरराष्ट्रीय पूंजी के दबाव में ऐसे समझौते कर रही है, जिससे देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता और संप्रभुता प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि सभी प्रस्तावित व्यापार समझौतों को तत्काल रद्द किया जाए। इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने छात्र आंदोलन का भी समर्थन किया। किसानों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने, आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों की रिहाई, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठाई।किसानों ने कृषि और बिजली से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी सरकार के सामने रखे। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने, नहरों में नियमित पानी की आपूर्ति बहाल करने, बिजली टावरों के लिए उचित मुआवजा देने, लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने तथा बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने की मांग की।किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती तो संयुक्त किसान मोर्चा प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगा।भिवानी में संयुक्त किसान मोर्चा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के विरोध के साथ-साथ किसानों और छात्रों से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। @newstodayhry #newstodayhry



