गुरु जम्भेश्वर भगवान के 29 नियमों में जीवन-मुक्ति का संदेश ll
गुरु जम्भेश्वर भगवान के 29 नियमों में जीवन-मुक्ति का संदेश ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) बिश्नोई सभा, सिरसा के 52वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में श्री गुरू जम्भेश्वर मन्दिर परिसर में आयोजित साप्ताहिक दिव्य कार्यक्रम के अन्तर्गत द्वितीय दिवस के अवसर पर जाम्भाणी हरिकथा ज्ञान-यज्ञ के माध्यम से आचार्य स्वामी गोविन्दशरणानन्द महाराज ने सृष्टि की रचना का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि पहले केवल धन्धु कार / शब्द था तथा परमात्मा ने सृष्टि के निर्माण का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि शब्द ही ब्रह्म है तथा शब्द / ध्वनि का कभी नाश नहीं होता। उन्होंने 4 प्रकार की वाणी पर भी प्रकाश डाला। बहुत सी बातें/ रहस्य जो विज्ञान अब तक नहीं खोज पाया, उनका ज्ञान हमारे सन्त-महात्माओं ने अपने अनुभव के आधार पर / आध्यात्मवाद के द्वारा विश्व को दिया। उन्होंने 24 अवतारों का वर्णन भी किया तथा कहा कि कुछ गुप्त अवतार भी हुए। उन्होंने ऋषि अवतार, देतात्रेय महाराज की जीवनी पर भी प्रकाश डाला कि उन्होंने किस प्रकार 24 गुरू बनाये तथा उनसे अलग-अलग प्रकार की शिक्षा ग्रहण की। आचार्य स्वामी जी ने गुरु जम्भेश्वर भगवान के इस धरा धाम पर आने का उद्देश्य बताया कि उन्हें प्रहलाद भक्त को दिये वचनानुसार 12 करोड़ जीवों के उद्धार के लिये आना पड़ा व मनुष्य जाति को जीवां ने जुगति व मुआं ने मुक्ति हेतु नियम बताये। इस अवसर पर सभा पदाधिकारी, कार्यकारी सदस्यों सेवक दल सदस्यों के अतिरिक्त अनेक गणमान्य महानु भाव उपस्थित थे। विशेष दान-दाताओं में नरेश कुमार बैनीवाल, सोमती देवी व भूप सिंह कस्वां, आरविन ज्याणी तथा राजेन्द्र सिंह गोदारा को सम्मानित किया गया। अन्य सम्मानित दान दाताओं में इन्द्रजीत माल, शिव कुमार मादूवती, जगदीश खदाव थे। इस मौके पर मुकाम गोशाला के प्रधान व जिला सिरसा सेवक दल प्रधान कृष्ण सीघड़, जनक राज बैनीवाल, ओम प्रकाश पूनिया, सुरेश कुमार सहारण, मंगल सिंह ठेकेदार, इन्द्रजीत कड़वासरा, शुभम धारणिया, इन्द्रजीत जोधकरण, आराधना बिश्नोई उपस्थित थे। कथा में स्वामी अमृतानन्द, स्वामी सर्वानंद का भी सान्निध्य रहा। आरती व प्रसाद वितरण उपरान्त कथा को विश्राम दिया गया। @newstodayhry #newstodayhry




