Haryana
Trending

सिरसा: संगम स्कूल भरोखां में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भावपूर्ण कार्यक्रम।।

सिरसा: संगम स्कूल भरोखां में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भावपूर्ण कार्यक्रम।।

सिरसा -(अक्षित कम्बोज ):- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर संगम स्कूल भरोखां में भावपूर्ण, संवेदनशील एवं प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से अवगत करवाने के साथ-साथ नई पीढ़ी में राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव भरोखां ढाणी के सरपंच मिल्ख राज कंबोज, हरीश कुमार बट्टी ब्लॉक मेंबर, हरियाणा के डायरेक्टर रमेश जाखड़ और मुख्य अध्यापक छगन सेठी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के मुख्याध्यापक छगन सेठी ने मां सरस्वती के चरणों में श्रद्धापूर्वक वंदना करते हुए प्रार्थना की कि इस धरती पर रहने वाले किसी भी इंसान को कभी भी विभाजन जैसी भयावह त्रासदी, विस्थापन और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा न देखनी पड़े। उन्होंने कहा कि इतिहास के ऐसे दुखद अध्याय हमें मानवता, प्रेम, शांति और आपसी भाईचारे का महत्व समझाते हैं। हमें संकल्प लेना चाहिए कि भविष्य में समाज को कभी भी ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। इसके पश्चात विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने विभाजन की त्रासदी पर आधारित एक मार्मिक लघु कोरियोग्राफी प्रस्तुत की। बच्चों ने अपनी भाव-भंगिमाओं, अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से विभाजन के समय लोगों की पीड़ा, विस्थापन और बिछड़ने की भावनाओं को मंच पर साकार कर दिया। बच्चों की इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित दर्शकों को भावुक कर दिया। कई क्षणों तक पूरा पंडाल गंभीर और संवेदनाओं से भरा नजर आया। लघु कोरियोग्राफी के बाद विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न गीतों पर शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जय हो, ऐ मेरे वतन के लोगों, वतन ऐ वतन, हमको तेरी कसम, है मेरा देश पहले तथा आई लव माय इंडिया जैसे देशभक्ति गीतों पर बच्चों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां पेश कीं। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी और पूरा वातावरण देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया। इस अवसर पर विद्यालय की अध्यापिका मंजू छाबड़ा ने विद्यार्थियों को विभाजन की विभीषिका के ऐतिहासिक पक्ष से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और अनेक परिवारों ने अपनों को खो दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि इतिहास को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति कटुता पैदा करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य में शांति, एकता और भाईचारे को मजबूत करना है। मुख्याध्यापक छगन सेठी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को इतिहास की सच्चाइयों से परिचित करवाना आवश्यक है, ताकि वे देश की आजादी का मूल्य समझ सकें। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा हमें यह संदेश देती है कि मानवता से बड़ा कुछ नहीं है। धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने मां सरस्वती के समक्ष की गई अपनी प्रार्थना को दोहराते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसी किसी भी त्रासदी का सामना न करना पड़े और देश सदैव शांति, समृद्धि तथा आपसी सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़े। इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज सरपंच ने सभी से मिलजुल कर रहने और राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करने और और आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया। ब्लैक मैप विशिष्ट अतिथि एवं ब्लॉक मेंबर हरीश कंबोज ने बच्चों को नशों से दूर रहने और खेलों में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से फलाहार करवाया गया। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों को विद्यालय परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।। #Newstodayhry @Newstodayhry

Related Articles

Back to top button