अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित ll
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित ll

सिरसा – (अक्षित कम्बोज ) अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बप्प में विद्यार्थियों एवं अध्यापकों की सहभागिता से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्व शांति, भाईचारे, सह-अस्तित्व, अहिंसा, सहिष्णुता तथा मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रवक्ता अंग्रेजी नरेश कुमार ग्रोवर, राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेता हरियाणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1981 में इस दिवस की स्थापना की थी और बाद में 2001 में 21 सितंबर को स्थायी रूप से अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के रूप में निर्धारित किया गया। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मूल उद्देश्य दुनिया में शांति की भावना को बढ़ावा देना तथा युद्ध और हिंसा के स्थान पर संवाद, सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करना है। नरेश कुमार ग्रोवर ने विद्यार्थियों से कहा कि शांति की शुरुआत किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि हमारे अपने घर, विद्यालय और समाज से होती है। यदि विद्यार्थी अपने साथियों का सम्मान करें, भेदभाव से दूर रहें, क्रोध के स्थान पर संवाद को अपनाएं और किसी कमजोर या जरूरतमंद साथी की सहायता करें, तो वे वास्तविक शांति के वाहक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व के सामने हिंसा, युद्ध, असहिष्णुता, धार्मिक एवं सामाजिक वैमनस्य, पर्यावरणीय चुनौतियां और मानसिक तनाव जैसी अनेक समस्याएं हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि शांति का अर्थ केवल युद्ध न होना नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर, सुरक्षा, न्याय और अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलना भी शांति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया या व्यक्तिगत जीवन में भी अफवाह, नफरत और अपमानजनक भाषा से बचें तथा सकारात्मक संवाद को बढ़ावा दें। विद्यालय प्रभारी मनीष कुमार मेहता ने कहा कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र भी है। विद्यार्थियों में प्रेम, अनुशासन, सहयोग, सहिष्णुता और मानवता जैसे गुण विकसित करके ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि आज का विद्यार्थी शांति का संदेश अपने जीवन में अपनाता है तो वह भविष्य में देश और विश्व को अधिक शांतिपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आपसी भाईचारा बनाए रखने, हिंसा से दूर रहने, विवादों का समाधान बातचीत से करने, प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा करने तथा समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने “विश्व शांति, मानवता और भाईचारे” की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के मुख्य अध्यापक प्रकाश सिंह के साथ सुनील खुराना, सुनीता कोहली, अजय कुमार, सुखविंदर सिंह, प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, प्रिंस छाबड़ा, रचना मेहता, सरोज रानी, रोहताश कुमार, रोहित कुमार, देशराज, भूपेंद्र कालरा, सिकंदर सिंह, सपना सहित विद्यालय के समस्त अध्यापकगण एवं विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि “शांति किसी एक देश, धर्म या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी है।” @newstodayhry #newstodayhry



