लंबे समय तक जो आर्थिक दबाव जनता ने झेला, उसकी भरपाई कैसे हो: डा. इंदौरा
लंबे समय तक जो आर्थिक दबाव जनता ने झेला, उसकी भरपाई कैसे हो: डा. इंदौरा


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- पूर्व सांसद डा. सुशील इंदौरा ने केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में घोषित जीएसटी दरों में कटौती के फैसले का स्वागत करने के साथ-साथ सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है। जारी बयान में पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार ने आठ साल बाद अपनी गलती मान ली है, लेकिन इस लंबे समय में गरीबों और मध्यम वर्ग को निचोडक़र रख दिया गया।
सरकार ने जीएसटी लागू करने के बाद जनता को इसके फायदे गिनवाए:-
लेकिन अब 8 साल बाद उन्हीं दरों को कम कर के लोगों को कम दरों के फायदे गिनवाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले जब यह लागू हुआ था, तब सभी राजनीतिक दलों व आम जनता की ओर से साफ तौर पर कहा गया था कि इस तरह का टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री और मंत्रियों ने किसी की नहीं सुनी।
डा. इंदौरा ने कहा कि:-
इन आठ वर्षों में मध्यम वर्ग और गरीब जनता पर 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत जीएसटी दरों का बोझ डाला गया। अब जब यह दरें घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई हैं, जिससे सरकार को आखिरकार समझ आया और इसमें सुधार किया। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार का अब यह कदम जनता को राहत देगा, लेकिन लंबे समय तक जो आर्थिक दबाव देश की जनता ने झेला है, उसकी भरपाई होना बहुत मुश्किल है। डा. इंदारा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से ये स्पष्ट होता है कि मोदीनीत भाजपा सरकार जनहित में नहीं है और भविष्य में भी देश को नुकसान पहुंचा सकती है।। #newstodayhry @newstodayhry



