लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने पिता दिवस की दी बधाई।।
लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने पिता दिवस की दी बधाई।।

सिरसा-(अक्षित कम्बोज ):- लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने पिता दिवस की बधाई देते हुए प्रैस के नाम जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि पिता दिवस वह दिन हैैं जब हम अपने जीवन के पहले गुरू, पहले मित्र और सबसे बड़े रक्षक को याद करते हैं। उन्होंने कहा यह दिन सिर्फ कलैण्डर की तारीख नहीं हैं, बल्कि एक भावना हैं उस व्यक्ति को धन्यवाद कहने की जो अपने सपनों को मारकर हमारे सपनों को पूरा करता हैं। श्री साहुवाला ने कहा कि परिवार में पिता का स्थान स्तम्भ के समान होता हैं जो हमारी अनुशासन और जिम्मेदारी की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि पिता शब्द में ही एक गंभीरता और सुरक्षा का भाव छिपा हैं। वे कम बोलते हैं, लेकिन उनके हर निर्णय के पीछे परिवार की भलाई छिपी होती हैं। उन्होंने कहा कि रात-रात जागकर नौकरी करना, धूप-बरसात में काम करना, अपनी ईच्छाओं को दबाकर बच्चों की फीस भरना- यह सब पिता चुपचाप करते हैं और वे शिकायत नहीं करते, क्योंकि उनके लिए परिवार की मुस्कान ही सबसे बड़ा इनाम हैं। श्री साहुवाला ने कहा कि एक पिता सिर्फ पैसे कमाने की मशीन नहीं होता। वह व्यक्ति हैं जो रात को डर लगने पर हमारे कमरे में आकर कहता हैं डरो मत, मैं हूं न। उन्होंने कहा कि यह वह हाथ हैं जो पहली बार साईकिल चलाते समय पीछे पकड़े रहता हैं और जब हमें लगता हैं कि अब हम अकेले चला सकते हैं, तो धीरे से हाथ छोड़ देता हैं। उन्होंने कहा कि पिता अक्सर अपने भाव प्रकट नहीं करते बल्कि उनका प्यार मौन होता हैं, इसलिए हम कई बार उनके त्याग को सामान्य समझ लेते है। उन्होंने कहा कि पिता दिवस हमें एक अवसर देता हैं कि हम रूके, सोचें और कहें- पापा, आप मेरे लिए क्या मायने रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता हैं कि पिता भी थकते हैं, उनकी भी इच्छाएं होती हैं और उन्हें भी सराहना चाहिए। जब हम छोटे थे तो पिता हमारे हीरो थे। बड़े होने पर हम दुनिया के नायकों को ढ़ूंढ़ते है, लेकिन सच्चाई यह हैं कि हमारा असली हीरो वही व्यक्ति हैं जो रोज सुबह 6 बजे उठकर काम पर निकलता हैं। उन्होंने कहा कि पिता को मंहगे उपहार की जरूरत नहीं होती, उन्हें तो चाहिए बस आपका समय और सम्मान। उन्होंने कहा कि आजकल हम सब व्यस्त हैं। एक दिन फोन रखकर उनके साथ बैठिए, पुरानी बातें सुनिए। उनके छोटे-छोटे कामों में मदद करें जैसे कि कार साफ करना, बाजार से सामान लाना या उनके साथ सैर पर जाना। उनके पसंदीदा खाने पर उन्हें बाहर ले जाएं या घर पर ही उनके साथ फिल्म देंखे, पुरानी तस्वीरें देखे, उनसे उनके बचपन के किस्से सुने। उनसे कहें कि पापा आपके बिना मैं कुछ नहीं हूँ यह एक वाक्य उनके वर्षो की मेहनत सार्थक कर देता हैं। उन्होंने कहा कि पिता की छाया में पलने वाला बच्चा कभी अकेला नहीं महसूस करता। पिता कहते नहीं, पर करते बहुत हैं। वे हमारे जीवन की वह नींव हैं जो दिखाई नहीं देती, पर जिसके बिना ईमारत खड़ी नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि इस पिता दिवस पर सिर्फ शुभकामनाएं मत दीजिए, बल्कि उन्हें महसूस कराइए। उनसे गले लगकर धन्यवाद करके और कुछ समय देकर, यही उनके लिए सबसे बड़ा तोहफा हैं। इसलिए दुनिया में अगर कोई बिना शर्त प्यार करता हैं तो वह पिता हैं और जब पिता साथ हो तो जीवन की कोई भी आंॅधी हमें हिला नहीं सकती।। #Newstodayhry @Newstodayhry




