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सरकार और प्रशासन के खिलाफ किसानों की नारेबाजी, धरना स्थल पर जुटे कई संगठन II

सरकार और प्रशासन के खिलाफ किसानों की नारेबाजी, धरना स्थल पर जुटे कई संगठन II

नूह-(निकुंज गर्ग):- नूंह जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 आईएमटी रोजका मेव में लगा रखी है लेकिन इसके बावजूद भी नौ गांव के किसान आईएमटी रोजका मेव में की गई भूमि अधिग्रहण के बकाया मुआवजे को लेकर धरने पर बैठे हुए है और जमकर सरकार विरोधी व जिला प्रशासन विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। गौरतलब है कि शनिवार को धरने पर बैठे किसानों के द्वारा महापंचायत की जाती है। महापंचायत के बाद किसानों के द्वारा आईएमटी में चल रहे काम को रोकने का प्रस्ताव पास किया जाता है । इसके बाद किसान और पुलिस आमने-सामने हो जाते हैं । वहीं डीसी विश्राम कुमार मीना से भी बकाया मुआवजे राशि को लेकर तकरीबन 2 घंटे बैठक की जाती है जिसमें डीसी के द्वारा बकाया मुआवजा राशि नहीं देने की बात की जाती है और धरना स्थल से किसानों को हटाने की बात भी की जाती है। लेकिन किसान इसी बात से नाराज होकर आईएमटी रोजका मेव का काम को रोक देते हैं और नए सिरे से धरने पर बैठ जाते हैं। आज धरने का तीसरा दिन है धरना स्थल पर जमकर किसानों के द्वारा सरकार विरोधी और जिला प्रशासन विरोधी नारेबाजी की जाती है और वहां पर मौजूद पुलिस आराम से किसानों के नारे सुनती है। आईएमटी रोजका मेव में धरना स्थल पर किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि किसानों का यह धरना जब तक चलता रहेगा तब तक किसानों की मुआवजा राशि नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि किसानों के द्वारा देश में लागू किया गया काला कानून धरना देकर बदलवाया था और अब किसान अपने मुआवजे की राशि को भी धरना देकर ही लेकर रहेगा। उन्होंने कहा कि अब यह धरना मेवात के लोगों का नहीं है इस धरने में भारतीय किसान यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा सहित अन्य किसान संगठनों का भी भरपूर साथ मिल रहा है तथा समय-समय पर सभी किसान संगठनों से जुड़े हुए लोग धरने स्थल पर आएंगे। किसान नेता ने कहा कि अब इस धरने में इस्लामी धर्म गुरु मिल का मदरसे का भी समर्थन मिल गया है। इसके अलावा राजस्थान ,उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के किसानों का भी इस धरने को समर्थन है। किसान नेताओं ने कहा कि नूंह का प्रशासन हरियाणा सरकार से किसानों की बात नहीं करता है। जब तक किसान की हरियाणा के मुख्यमंत्री से बात नहीं हो जाती तब तक आईएमटी में काम नहीं चलने देंगे। लेकिन जिला प्रशासन किसानों को धरना स्थल से हटाने की फिराक में है ऐसा नहीं होने देंगे।।

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