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अग्रसेन जयंती पर समाजवाद और मानवता के मूल्यों का संदेश II

अग्रसेन जयंती पर समाजवाद और मानवता के मूल्यों का संदेश II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- महाभारत काल में महाराजा अग्रसेन जी का जन्म हुआ और वे बल,विधा, रण कौशल के अद्वितीय योद्धा एवं कुशल शासक थे जिन्होंने मानवता को सभ्यता का प्रथम पाठ पढाया। उन्होंने अग्रोहा की स्थापना की और अग्रोहा को एक सम्पन्न राजधानी बनाई। महाराजा अग्रसेन एक दयालु और सूर्यवंशी राजा थे तथा उनका हृदय सभी जीवों के प्रति करुणा से भरा रहता था और वे आज भी अग्रवाल समुदाय के पितामह हैं तथा समाजवाद के प्रवर्तक थे I

उन्होंने कहा महाराजा अग्रसैन ने अहिंसा धर्म को अपनाया :-

ये शब्द अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के कार्यकारणी सदस्य स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय प्रीत नगर में महाराजा अग्रैसन जयन्ती की पूर्व संध्यां पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा महाराजा अग्रसैन ने अहिंसा धर्म को अपनाया तथा उन्होंने सभी यज्ञों में पशु बलि की प्रथा को बंद करके यज्ञ की समाप्ति के लिए नारियल फोड़ने की नई पंरपरा को शुरू किया था। उन्होंने कहा महाराजा अग्रसैन ने अपनी प्रजा से प्राणी मात्र की रक्षा करने के लिए वचन लिया और मांस न खाने का नियम बनाया जिससे समाज में हिंसा की बजाये मानवीयता और शांति का प्रसार हुआ।

श्री साहुवाला ने कहा:-

महाराजा अग्रसेन के 18 पुत्र थे। जिनके नाम पर अग्रवाल समाज के 18 गौत्रों का निर्माण हुआ तथा जिनसे अग्रवाल समाज की स्थापना हुई। उन्होंने कहा महाराजा अग्रसेन भगवान राम के वंशज थे और अग्रोहा शहर के संस्थापक थे तथा उन्हें समाजवाद का अग्रदूत कहा जाता हैं क्योंकि उन्होंने एक ऐसे राज्य की स्थापना की जहां हर नए आने वाले परिवार को शहर के प्रत्येक परिवार से एक ईंट और एक सिक्का दिया जाता था। जिससे उन्हें अपना घर बनाने और व्यापार शुरू करने में मद्द मिलती थी।

वे अग्रवाल समाज में प्रमुख रूप से जाने जाते हैं:-

उन्होंने कहा उनकी करूणा, दयालुता, दूरदर्शी सोच और समानता के प्रति समर्पण के कारण वे अग्रवाल समाज में प्रमुख रूप से जाने जाते हैं और आज भी समाज के लोग उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने अपनी प्रजा की भलाई के लिए कई कार्य किए और धर्म व नैतिकता के मूल्यों को स्थापित किया। इसलिए उन्हें शांति दूत कहा जाता हैं। इससे पूर्व विजय गोयल एवं सुनीता रानी ने मुख्य अतिथि रमेश साहुवाला का स्वागत किया तथा उन्होंने सभी शहरवासियों को महाराजा अग्रसेन की बधाई देते हुए कहा कि सभी अपने प्रतिष्ठानों एवं घरों में दीपमाला जगाएं तथा घरों में मीठा, पकवान बनाकर खुशी बनाएं।

गीत-संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया:-

इस अवसर पर एक भाषण प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, गीत-संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिसमें प्रथम पुरस्कार जानवी को द्वितीय पुरस्कार सिमरन को तथा तृतीय पुरस्कार सुमन को दिया गया और पाँच सांत्वना पुरस्कार भी बच्चो को दिए गए। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि ने स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर काजल, सुनीता, ममता, सुमन, सीता, रचना, गजल, रीना, नीलम, ज्योति, भावना, पायल एवं अन्य उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry

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